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भिंडी की खेती :-

भिंडी की खेती में तेज और नमी वाले जलवायु को उपयुक्त माना गया है |भिंडी की फसल में बीजो को अंकुरित होने के लिए 20 डिग्री तापमान की जरूरत होती है इसमें विटामिन A तथा C पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। भिंडी के फल में आयोडीन की मात्रा अधिक होती है भिंडी की अगेती फसल लगाकर किसान भाई अधिक लाभ अर्जित कर सकते है। भारत में भिंडी एक प्रमुख सब्जी है

गर्मी की भिंडी आप February और March महिने में कर सकते हैं क्योंकि यह महीनों में तापमान  भिंडी की फसल के लिए अच्छा होता है और वर्षा ऋतु में भिंडी की बुवाई का समय जून और जुलाई को फायदेमंद माना जाता है

भिंडी की खेती का तरीका :-

भिंडी की खेती के लिए आप काली मिट्टी, लाल मिट्टी, ककरी ली मिट्टी और लगभग सभी तरह के जमीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. का pH मान 7 से 8 होना उपयुक्त रहता है। भूमि की दो-तीन बार जुताई कर भुरभुरी कर तथा पाटा चलाकर समतल करनी चाहिए एक बात यह भी ध्यान देने की है की 27 0c से कम तापमान पर भिंडी नहीं होती

भिंडी की खेती की प्रमुख किस्म :-

पूसा A4, पूसा भिंडी 5, अनामिका, परभणी क्रांति, सरिता, राधिका, पंजाब 8 आदि

खाद और उर्वरक :-

भिंडी की फसल में अच्छा उत्पादन लेने हेतु प्रति हेक्टेर क्षेत्र में लगभग 15-20 टन गोबर की खाद

अगर आप की फसल का विकास बिल्कुल ही नहीं होता है तो आप इसकी थोड़ी मात्रा बढ़ा भी सकते हैं और इसके साथ आप महाधन, NPK52,  सागरीका और Biovita को मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं नत्रजन की आधी मात्रा super एवं potash की पूरी मात्रा बुवाई के पहले भूमि में देना चाहिए

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निराई व गुड़ाई :-

नियमित निंदाई-गुड़ाई कर खेत को खरपतवार मुक्त रखना चाहिए आप बीजो की रोपाई से पहले फ्लूक्लोरेलिन की उचित मात्रा का छिड़काव कर खरपतवार पर नियंत्रण कर सकते है, बुवाई के 15 से 20 दिन बाद प्रथम निंदाई – गुडाई करना चाहिए | कोशिश करें की खरपतवार के लिए कीटनाशक का प्रयोग नहीं करे

भिंडी की खेती मे सिंचाई :-

मार्च में 9 से 11 दिन में, अप्रैल में 6 से 7 दिन में, जून में 3 से 5 दिन में सिंचाई करे बारिश के समय में अगर बारिश ज्यादा होती है तो सिंचाई की जरूरत नहीं होती

भिंडी की खेती की तुडाई :-

फलो की तुड़ाई को कई चरणों में करना चाहिए, पहली तुड़ाई के चार से पांच दिन बाद इसकी दूसरी तुड़ाई करे |शाम के समय तुड़ाई करना उपयुक्त होता है, इससे फल दूसरे दिन तक ताजे बने रहते है |

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भिंडी की फसल को करके किसान भाई कम खर्च में अच्छी कमाई कर सकते है | अलग-अलग किस्मो के अनुसार इसकी औसत पैदावार 10 से 15 टन प्रति हेक्टेयर पायी जाती है | बाजार में आप इसके अच्छे दाम प्राप्त कर सकते हैं अगर फसल सही समय पर तैय्यार हो जाती है तो अगर आप 1 एकड़ खेत में भिंडी की खेती करते हो तो लगभग आपको ₹500000 तक कमाई हो सकती है.

भिंडी की खेती के प्रमुख रोग और रोकथाम :-

मोयला, हरा तेला, सफ़ेद मक्खी प्ररोहे एवं फल छेदक कीट, रेड स्पाइडर माइट कीट पौधों के प्रमुख रोग है

फूल आने के तुरन्त बाद कार्बोरिल 50 डब्ल्यू पी 2 ग्राम प्रति लीटर या मोनोक्रोटोफोस 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी का छिडकाव करें|

Cartep हाइड्रोक्लोराइड 2 ग्राम प्रति लीटर पानी का छिडकाव करें या एमेमेक्टिन बेन्जोएट 5 प्रतिशत का 10 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी या क्लोरेन्ट्रोनिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत का 5 मिलीलीटर प्रति 15 लीटर पानी के साथ छिडकाव करें या क्यूनालफास 25 ई सी, 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिडकाव करें|ध्यान रहे रसायन का बदल-बदल कर प्रयोग करें और भिंडी फसल के फल तोड़कर फिर छिडकाव करें, प्रतीक्षा अवधि का भी ध्यान रखें |

By admin

One thought on “भिंडी की खेती कैसे करे, लागत, कमाई और बोने का तरीका”

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