फूल गोभी की खेती

                  फूल गोभी की खेती    

फूल गोभी जो सब्जी के रूप में व्यापक तौर पर इस्तेमाल होती है ,सर्दियों के मौसम में बाजार में फूलगोभी की भरमार होती है ! 

 लेकिन उससे थोड़ा वक्त पहले यानी सितंबर अक्टूबर का महीना यह वह समय होता है ,जब मंडी में फूलगोभी कम लेकिन बाजार भाव चरम पर होता है ,मतलब साफ है कि फूलगोभी की अगत किसमें लगाकर किसान अच्छा मुनाफा ले सकते हैं ,कैसे और कब करें खरीफ सीजन में फूलगोभी की खेती कि मंडी में मिल जाए !

           मनचाहा भाव संक्षिप्त में समझिए तमाम महत्त्वपूर्ण बातें जून के महीने में नर्सरी डाल कर के हम अती किस्म की जो है ,शुरुआत करते हैं ,अती किस्म में जो है पंथ गभ एक पंथ गभ दो पूसा कार्तिकी पूसा सिंथेटिक पूसा दीपाली अरली कुंवारी और अरली पटना तो  ?

इन्हीं जातियों का चयन करें और इनका जून के मध्य से लेकर के जुलाई के प्रथम सप्ताह तक नर्सरी डाल दें , इसमें विशेष ध्यान रखने की बात है , कि अगर पिती की जात को अगर आपने अती में बो दिया तो आपकी पैदावार पर बहुत विपरीत प्रभाव पड़ेगा बीज उपचार और भूम उपचार दोनों यदि हम नहीं करते हैं , तो .…?

   फूल गोभी के जो जो बीज जनित रोग हैं ,इसमें इतना ज्यादा संक्रामक बढ़ जाती है ,कि जैसे ही बीज जो है ,अंकुरित होता है ,वैसे ही ये जो है ,फफूंदी और बीजन जो है इस पर आक्रमण कर देते हैं ,और यह है ,कि जमीन के ऊपर वो जो है अंकुर नहीं आता है ,तो इसलिए बहुत परम आवश्यक है!

 कि जब भी नर्सरी हम तैयार करें तो तैयार करने से पहले हम बीज उपचार करें और भूम उपचार भी करें हर प की अपनी वृद्धि का एक समय होता है ,पौधा 20 या 25 दिन का हो जाता है ,उस वो उसका जो है ,बहुत ही अच्छा वृद्ध का समय होता है ,इसलिए उसी पीरियड में हम जो है !

उसकी रोपाई खेत में आकर कर द यद हम रोपाई नहीं करेंगे उसके बाद हम देर से अगर उसको हम लेकर के और फिर जब रोपाई करेंगे तो उसकी जड़े जो है ,जो है डिस्टर्ब हो जाएंगी और उससे यह होगा कि हमारी जो है ,वृद्धि जो है ,जो वृद्ध का समय है ,उसमें एक रुकावट आ जाएगी जो अती है ,जो हम रोपाई कर रहे हैं !

   तो उसमें 5 से 6 दिन के इंटरवेल पर हम सिंचाई करते हैं हर पाच या छ दिन के बाद हमको जो है ,सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है – 60 से 80 दिन में जो है ,वह अती फसल जो है ,हमारी पक कर के कटाई योग्य हो जाती है ,फूल गोभी का उत्पादन देश में सबसे ज्यादा होता है ,पश्चिम बंगाल में जहां देश के कुल फूलगोभी उत्पादन का 21 फीदी से ज्यादा उगाया जाता है — दूसरे नंबर पर है !

 


मध्य प्रदेश जहां 13 फीदी से ज्यादा फूलगोभी उत्पादन होता है ,और तीसरे नंबर पर है — बिहार जिसकी फूलगोभी उत्पादन में 11 फीदी से ज्यादा की भागीदारी है ,चौथे नंबर पर है गुजरात और फूलगोभी उत्पादन में पांचवां स्थान है ,हरियाणा का अगर किसान पूरा ज्ञान और उन्नत खेती की तकनीकों को अपनाकर फूलगोभी की खेती करते हैं ,तो बेशक फूलगोभी की फसल से बंपर कमाई की जा सकती है ! धन्यवाद खेती करे
!

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